आशा कार्यकर्ता कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही हैं। इससे पहले उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की थी। इसके बावजूद मांगें पूरी नहीं होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।
प्रदर्शन कर रही आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार उन्हें स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ मानती है, लेकिन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों को गंभीरता से सुनकर समाधान नहीं किया जाएगा, तब तक धरना जारी रहेगा।
आशा कार्यकर्ताओं के इस कदम से स्वास्थ्य केंद्र पर टीकाकरण और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका है। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन उनकी मांगों पर क्या कदम उठाते हैं और विरोध को समाप्त कराने के लिए क्या पहल की जाती है।









