50 दिन बाद यूपी चुनाव की तारीख आने का दावा, किसानों की कर्जमाफी और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर भाजपा पर साधा निशाना
इटावा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कई मुद्दों पर सवाल उठाए। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बयान पर पलटवार करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “चोर की दाढ़ी में तिनका।” उन्होंने दावा किया कि 50 दिन बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीख आ जाएगी और यही सबसे बड़ी परीक्षा होगी। एक कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने संविधान, किसानों की कर्जमाफी, उद्योगपतियों को राहत और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर अपनी बात रखी।
‘UP ही बचाएगा संविधान’, भाजपा पर लगाया निशाना
अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश ही संविधान को बचाने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव प्रदेश की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण परीक्षा होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए चुनाव की तैयारियों और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर भी अपनी बात रखी।
उद्योगपतियों के कर्जमाफी पर उठाए सवाल
सपा अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उद्योगपतियों के लाखों करोड़ रुपये माफ किए जा रहे हैं, जबकि किसानों के कर्ज माफ क्यों नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने किसानों की कर्जमाफी का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि नाम बदलने और नाम जोड़ने की राजनीति के खिलाफ बड़ा आंदोलन चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि नाम बदलने वालों को भी एक दिन हटना पड़ेगा।
चुनाव आयोग को लेकर भाजपा से पूछा सवाल
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा INDIA गठबंधन को अराजक बताए जाने के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की भूमिका का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि जब चुनाव आयोग के खिलाफ सवाल उठाए जाते हैं, तो भाजपा को परेशानी क्यों होती है?
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक निष्पक्ष संवैधानिक संस्था है, ऐसे में भाजपा उसके बचाव में सामने क्यों आती है। इस बयान के जरिए उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और उसकी भूमिका को लेकर भाजपा पर सवाल उठाए।
आगामी विधानसभा चुनाव को बताया बड़ी परीक्षा
अखिलेश यादव ने 50 दिन बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीख आने का दावा करते हुए कहा कि आगामी चुनाव बड़ी परीक्षा होगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राजनीतिक मुद्दों को जनता के बीच उठाने पर जोर दिया।
अखिलेश यादव (राष्ट्रीय अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी)









