चुनाव आयुक्त के इस्तीफे पर जंतर मंतर में भारी बवाल, अब 10 अक्टूबर को महाआंदोलन का एलान

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मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर भारी हंगामा हुआ, जिसके बाद आंदोलनकारियों ने अब 10 अक्टूबर को ‘महाआंदोलन 2.0’ का बड़ा ऐलान किया है

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

देश की राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर से बड़े सियासी और सामाजिक संग्राम का अखाड़ा बन गया है| बता दें कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और कई प्रमुख विपक्षी संगठनों ने जंतर-मंतर पर मोर्चा खोल दिया है| प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वोटर लिस्ट में गंभीर विसंगतियां पाई गई हैं और हालिया चुनाव प्रक्रियाओं (SIR) में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की गई हैं, इसके लिए मुख्य चुनाव आयुक्त को इसका जिम्मेदार ठहराया जा रहा है|

इस आंदोलन को दबाने और कानून- व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है| जंतर-मंतर और उसके आसपास के प्रमुख रास्तों, जैसे टॉल्स्टॉय मार्ग और अशोक मार्ग पर भारी बैरिकेड्स भी देखने को मिल रही है| मिली जानकारी के अनुसार पूरे इलाके में धारा 163 (पहले की धारा 144) लागू कर दी गई है, जिससे पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पूरी तरह पाबंदी है|

CJP की चेतावनी

हालांकि इस कड़े प्रतिबंध के बाद भी सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए, जिसके बाद पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच तीखी झड़पें और नोकझोंक देखने को मिली| स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेताओं सहित विभिन्न छात्र संगठनों के 700 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया|

इसके साथ ही बताया जा रहा है कि इस हिंसक हंगामे में दिल्ली के करीब 15 जवान भी घायल हुए हैं| फ़िलहाल भारी सुरक्षा बलों की तैनाती के कारण जंतर-मंतर पर पहला चरण थम गया है, लेकिन आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है| CJP और सहयोगी संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया तो आगामी 10 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर ‘महाआंदोलन 2.0’ शुरू किया जाएगा|

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