14 सूत्रीय मांगों को लेकर लेखपालों ने तहसील दिवस का किया बहिष्कार, धरने पर बैठे

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खड्डा, कुशीनगर। खड्डा तहसील में शनिवार को अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के पदाधिकारियों और लेखपालों ने तहसील दिवस का बहिष्कार कर दिया। लेखपालों ने तहसील परिसर में धरना शुरू कर शासन-प्रशासन के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। लेखपालों ने 14 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा।

धरने की जानकारी मिलने पर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिला महामंत्री संजय कुमार पाल भी खड्डा तहसील पहुंचे और लेखपालों के साथ धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि लेखपाल लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शासन स्तर पर मांग उठाते आ रहे हैं, लेकिन कई मांगों पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।

लेखपाल संघ की ओर से दिए गए ज्ञापन में वेतन विसंगति दूर करने, प्रारंभिक वेतनमान 2800 ग्रेड पे लागू करने, लंबित अंतरमंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी करने, पदोन्नति एवं डीपीसी की प्रक्रिया पूरी कराने, विभागीय परीक्षा का परिणाम घोषित करने तथा विभिन्न भत्तों में वृद्धि जैसी मांगें शामिल हैं।

इसके अलावा लेखपालों ने ग्राम सचिवालयों में बैठने के लिए उचित व्यवस्था, फर्नीचर, कंप्यूटर, इंटरनेट, बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित कर आवश्यक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में की गई है।

लेखपालों का कहना है कि लगातार बढ़ते कार्यभार के बावजूद उन्हें कई वर्षों से पुरानी व्यवस्था के तहत ही कार्य करना पड़ रहा है। राजस्व संबंधी कार्यों के साथ ऑनलाइन एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्य भी लेखपालों से कराए जा रहे हैं।

खड्डा तहसील में तहसील दिवस के दौरान लेखपालों के धरने पर बैठने से फरियादियों और अधिकारियों के बीच होने वाली नियमित सुनवाई की व्यवस्था भी प्रभावित हुई। लेखपाल संघ ने मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

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