लखनऊ। राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर थाना क्षेत्र स्थित दरोगाखेड़ा चौराहा और कानपुर रोड पर लगातार हो रहे सड़क हादसों ने यातायात सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले 15-20 दिनों में इस क्षेत्र में करीब पांच भीषण सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें तीन लोगों की जान जाने की बात सामने आई है। हाल ही में डायल-112 मुख्यालय में तैनात उपनिरीक्षक सत्येंद्र सिंह की भी दरोगाखेड़ा के पास सड़क हादसे में मौत हुई थी।
बुधवार सुबह भी इसी क्षेत्र में एक अनियंत्रित ट्रक डिवाइडर पर चढ़ गया। हादसे के दौरान ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बीच स्थानीय लोगों ने चौराहे पर सड़क सुरक्षा इंतजामों को लेकर चिंता जताई है।
स्थानीय निवासी राजेश भट्ट ने ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों को पत्र भेजकर दरोगाखेड़ा चौराहे को ब्लैक स्पॉट घोषित करने और तत्काल सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है। मांगों में स्पीड लिमिट बोर्ड, रंबल स्ट्रिप और पर्याप्त चेतावनी संकेत लगाने जैसे उपाय शामिल हैं।
दरोगाखेड़ा क्षेत्र में भारी वाहनों के आवागमन को लेकर प्रशासन पहले ही नो-एंट्री व्यवस्था का ट्रायल कर चुका है। निर्धारित समय में भारी वाहनों को रिंग रोड की ओर डायवर्ट करने की व्यवस्था की गई थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि 25 सितंबर से लखनऊ-कानपुर हाईवे के पूरी तरह खुलने के बाद इस मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में चौराहे पर सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने की मांग तेज हो गई है।









