महराजगंज। जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में जन्म से सुनने और बोलने में असमर्थ 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की समय पर जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई है। इस संबंध में सिसवा मुंशी, परतावल स्थित पंजीकृत सामाजिक संस्था ब्राइट फ्यूचर वेलफेयर ट्रस्ट की ओर से संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर जिला अस्पताल अथवा जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र में आवश्यक जांच की व्यवस्था कराने की मांग की गई है।

संस्था के अनुसार जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे सैकड़ों बच्चे हैं, जो जन्म से सुन नहीं पाते हैं। समय पर सुनने की क्षमता की जांच और उपचार नहीं होने के कारण इन बच्चों के बोलने की क्षमता के विकास में भी परेशानी आती है। प्रारंभिक स्तर पर जांच होने से ऐसे बच्चों को समय से उपचार और बोलने की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है।
प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि जिला अस्पताल और जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र में बीईआरए (मस्तिष्क तंत्रिका श्रवण प्रतिक्रिया) तथा ओएई (कान की ध्वनि प्रतिक्रिया) जांच की स्थायी सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण अभिभावकों को जांच के लिए गोरखपुर और लखनऊ जाना पड़ता है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
संस्था ने मांग की है कि जिला अस्पताल महराजगंज अथवा जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों के लिए निःशुल्क बीईआरए जांच मशीन एवं आवश्यक जांच सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि बच्चों की समय पर पहचान, उपचार और बोलने की चिकित्सा शुरू हो सके।
संस्था ने उम्मीद जताई है कि बच्चों के हित को देखते हुए इस मांग पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी।









