कुशीनगर। पडरौना की वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिल को फिर से संचालित करने की उम्मीदों के बीच परिसर में रखी मशीनरी की सुरक्षा को लेकर नई चिंता सामने आई है। मिल में लंबे समय से बंद पड़ी औद्योगिक मशीनों और उपकरणों के कई हिस्सों को क्षतिग्रस्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि चोरों ने कंप्यूटर, मोटर और मशीनों के महंगे कलपुर्जों को निशाना बनाया।
कई स्थानों पर मशीनों को गैस कटर से काटे जाने के निशान बताए जा रहे हैं। इससे मिल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मिल के प्रशासनिक और तकनीकी हिस्से में रखे करीब 35 पुराने कंप्यूटरों को तोड़कर उनके अंदर लगे उपयोगी उपकरण निकाल लिए जाने की बात सामने आई है। कई कंप्यूटरों के केवल बाहरी ढांचे ही बचे हैं। इसके अलावा बड़े मोटर और भारी मशीनों के कलपुर्जों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी है।
भारी मशीनों तक पहुंच रहे चोर
मिल में चोरी का तरीका भी सवाल पैदा कर रहा है। भारी कलपुर्जों को साबुत बाहर ले जाने के बजाय कथित तौर पर मशीनों को परिसर में ही काटकर उनके मूल्यवान हिस्से निकाले जा रहे हैं। कई स्थानों पर गैस कटर के इस्तेमाल जैसे निशान बताए जा रहे हैं। इससे आशंका है कि मशीनों के अंदर मौजूद तांबा, पीतल अथवा अन्य मूल्यवान धातुओं वाले हिस्सों को निशाना बनाया जा रहा है।
टरबाइन समेत अन्य महत्वपूर्ण मशीनों के हिस्सों को नुकसान पहुंचने की बात भी सामने आई है। यदि मशीनरी इसी तरह क्षतिग्रस्त होती रही तो मिल को भविष्य में दोबारा चालू करने की स्थिति में मरम्मत और उपकरणों की पुनर्स्थापना पर अतिरिक्त धन खर्च करना पड़ सकता है।
गार्डों की मौजूदगी के बावजूद कैसे हो रही चोरी?
मामले में सबसे बड़ा सवाल मिल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर है। चीनी मिल परिसर जिला प्रशासन के नियंत्रण में है और इसकी निगरानी एसडीएम सदर को सौंपी गई है। परिसर की सुरक्षा के लिए गार्ड भी तैनात बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद भारी मशीनों और कलपुर्जों के चोरी या क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आने से निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
एक ओर बंद चीनी मिल को पुनः संचालित करने की कवायद चल रही है, वहीं दूसरी ओर उसकी मौजूदा मशीनरी और उपकरणों की सुरक्षा चुनौती बनती दिखाई दे रही है। ऐसे में चोरी कितने समय से हो रही है, कितनी मशीनरी गायब या क्षतिग्रस्त हुई है और सुरक्षा में चूक कहां हुई, इसकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जांच कराकर होगी कार्रवाई : डीएम
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कुछ लोगों से जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि टीम भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में चोरी या अन्य गड़बड़ी की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मिल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को भी दुरुस्त कराया जाएगा।









