पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय), शनिवार। तहसील सभागार में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के दौरान न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और वादकारियों की मौजूदगी रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति तेज प्रताप तिवारी ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश और मार्गदर्शन दिया। साथ ही अधिक से अधिक वादों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों एवं न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के लंबित वादों के निस्तारण के लिए संबंधित न्यायालयों एवं विभागों द्वारा कार्रवाई की गई। लोक अदालत का उद्देश्य पक्षकारों को शीघ्र एवं सरल न्याय उपलब्ध कराना तथा आपसी सहमति के आधार पर मामलों का समाधान कराना है। अधिकारियों ने वादकारियों से लोक अदालत के माध्यम से अपने मामलों का निस्तारण कराने की अपील भी की।
इस अवसर पर जनपद के कार्यकारी जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चंदौली अशोक कुमार-XI, जनपद के समस्त न्यायाधीशगण, जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल, बैंक अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं वादकारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से मामलों का निस्तारण होने से पक्षकारों को समय और धन की बचत होती है। साथ ही लंबे समय से लंबित मामलों के समाधान में भी लोक अदालत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आयोजन के दौरान संबंधित अधिकारियों ने वादकारियों की समस्याएं सुनीं और मामलों के शीघ्र निस्तारण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।









