
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री असीम अरुण ने घुमंतू समाज के इतिहास और मुगलकाल के दौरान आई चुनौतियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने घुमंतू कल्याण बोर्ड के गठन के बाद हुए बदलावों और सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी बताया।
इस दौरान मंत्री ने डीएनटी समाज के लिए संचालित योजनाओं की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और घुमंतू समाज की खिलाड़ियों को मंच से सम्मानित किया। कार्यक्रम में समाज की मूलभूत समस्याओं, शिक्षा, सम्मान, अधिकारों और सामाजिक विकास जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
मंत्री असीम अरुण ने कहा कि पहले घुमंतू समाज के लोगों को पुलिस कार्रवाई के दौरान निशाना बनाए जाने की शिकायतें सामने आती थीं। उन्होंने अपने पुलिस सेवा के अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि गिरफ्तारी अभियान के दौरान वह अपने पुलिसकर्मियों को निर्दोष लोगों को जेल न भेजने के निर्देश देते थे।
कार्यक्रम का उद्देश्य घुमंतू समाज को जागरूक करना और उनके अधिकारों व विकास से जुड़े मुद्दों को सामने लाना रहा।









