तमिलनाडु में मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर विवाद बढ़ गया है| कांग्रेस और डीएमके समेत विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की बैठक का बहिष्कार किया|
विपक्षी दलों ने बैठक से बनाई दूरी
तमिलनाडु में 23 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक विरोध देखने को मिला| कांग्रेस, डीएमके और इंडिया गठबंधन के अन्य दलों ने चुनाव आयोग की बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया| इन दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई| विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया को लेकर उनकी कई चिंताएं हैं, जिनका समाधान किया जाना चाहिए|
मतदाता सूची में नाम हटने पर चिंता
विपक्षी दलों ने SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आशंका जताई कि इससे कई पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हट सकते हैं|उनका कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव करते समय यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी योग्य नागरिक का मतदान का अधिकार प्रभावित न हो| दलों ने चुनाव आयोग से इस प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता और पारदर्शिता बनाए रखने की मांग की है|
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
SIR के विरोध के साथ विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की| उनका कहना है कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए| इस मुद्दे को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच मतभेद सामने आए हैं| हालांकि, विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों और मांगों पर चुनाव आयोग का आधिकारिक पक्ष सामने आना भी जरूरी है| फिलहाल मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर तमिलनाडु में राजनीतिक बहस जारी है|









