महोबा, 22 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के महोबा में अर्जुन सहायक परियोजना से प्रभावित किसानों ने विस्थापन राशि की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। भारतीय हलधर किसान यूनियन के बैनर तले एकत्र हुए किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पूरे गंज गांव का अधिग्रहण कर प्रभावित परिवारों को विस्थापन राशि देने की मांग उठाई। किसानों ने आरोप लगाया कि मुआवजा और विस्थापन राशि देने के मामले में उनके गांव के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
वर्षों बाद भी विस्थापन राशि नहीं मिलने का आरोप
किसानों के अनुसार, जनपद में सिंचाई व्यवस्था बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई अर्जुन सहायक परियोजना के तहत कबरई में बांध का उच्चीकरण किया गया था। इसके बाद गंज, झिरसहेवा, गुगौरा और अलीपुरा गांवों के कुछ हिस्सों के डूब क्षेत्र में आने की बात सामने आई थी। किसानों का कहना है कि प्रभावित गांवों के अधिग्रहण और मुआवजे को लेकर घोषणाएं की गई थीं, लेकिन उनका आरोप है कि लंबे समय बीतने के बावजूद गंज गांव के किसानों को विस्थापन राशि नहीं मिली।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि डूब क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं के बीच गांव के लोग परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें जरूरी सुविधाएं और राहत नहीं मिल पा रही हैं। किसानों ने प्रशासन से मांग की कि पूरे गंज गांव के अधिग्रहण की प्रक्रिया स्पष्ट की जाए और पात्र प्रभावित परिवारों को नियमानुसार विस्थापन राशि उपलब्ध कराई जाए।
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, समाधान का आश्वासन
किसानों के प्रदर्शन की सूचना मिलने पर एसडीएम सदर शिवध्यान पांडेय मौके पर पहुंचे। किसानों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं। एसडीएम ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और समस्याओं के जल्द निस्तारण का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना-प्रदर्शन समाप्त हुआ।
किसानों की मुख्य मांग है कि डूब क्षेत्र से प्रभावित गंज गांव के अधिग्रहण और विस्थापन राशि के मामले में स्पष्ट निर्णय लिया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके। अब इस मामले में प्रशासन की ओर से होने वाली कार्रवाई पर किसानों की नजर रहेगी।









