कानपुर। विजयादशमी के पावन पर्व पर खत्री समाज, कानपुर की ओर से भव्य शस्त्र पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज की एकता, संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिली। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने शस्त्र पूजन के सांस्कृतिक और दार्शनिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शस्त्र पूजन केवल हथियारों की पूजा नहीं, बल्कि शक्ति, अनुशासन और कर्तव्य के प्रति समर्पण का प्रतीक है। भगवान श्रीराम द्वारा रावण पर विजय से पूर्व शस्त्र पूजन की परंपरा का उल्लेख करते हुए अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का संदेश दिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि हर व्यक्ति का अपना शस्त्र होता है। सैनिक की राइफल, डॉक्टर का ज्ञान, लेखक की कलम और व्यापारी की ईमानदारी उसके कार्यक्षेत्र के प्रमुख साधन हैं। शस्त्रों का उद्देश्य आक्रमण करना नहीं, बल्कि परिवार, समाज और धर्म की रक्षा करना है। साथ ही शक्ति के साथ विवेक रखने और शस्त्रों का उपयोग धर्म एवं न्याय के हित में करने पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर खत्री समाज की ओर से विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को शॉल ओढ़ाकर और प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारियों ने विधि-विधान से शस्त्र पूजन किया और देश की सुरक्षा, समाज की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की।
विजयादशमी के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज की सांस्कृतिक विरासत, एकता और परंपराओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।








