स्लग: बेटियों ने संभाली प्रशासन की कमान, खदीजा बनीं एक दिन की एसडीएम तो काजल ने निभाई तहसीलदार की भूमिका

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कुशीनगर में मिशन शक्ति 6.0 के तहत बेटियों को प्रशासनिक कार्यप्रणाली से परिचित कराने की अनूठी पहल की गई। हाटा तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान कक्षा छह की छात्रा खदीजा फातिमा ने एक दिन की एसडीएम, जबकि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्रा काजल गुप्ता ने एक दिन की तहसीलदार की भूमिका निभाई। इस पहल का उद्देश्य बेटियों में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें भविष्य में बड़े प्रशासनिक पदों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करना है। वहीं, समाधान दिवस में कुल 37 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से चार का मौके पर निस्तारण किया गया।

कुशीनगर की हाटा तहसील में मिशन शक्ति 6.0 के तहत बेटियों को नेतृत्व और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का अनुभव कराया गया। इस दौरान कक्षा छह की छात्रा खदीजा फातिमा ने एक दिन की एसडीएम और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्रा काजल गुप्ता ने एक दिन की तहसीलदार बनकर प्रशासनिक कार्यप्रणाली को करीब से समझा।

दोनों छात्राओं ने अधिकारियों से संवाद किया और प्रशासनिक व्यवस्था के कामकाज की जानकारी हासिल की। इस पहल के जरिए छात्राओं को अपने सपनों को साकार करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।

इस अवसर पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम आईएएस मयंक त्रिपाठी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में डॉक्टर, आईएएस, पुलिस अधिकारी या क्रिकेटर बनने के लिए मेहनत, लगन और निरंतर पढ़ाई बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने के लिए प्रेरित किया।

वहीं, संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 37 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से चार का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।

 

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