
दोनों छात्राओं ने अधिकारियों से संवाद कर प्रशासनिक कार्यप्रणाली को समझा। इस पहल का उद्देश्य बेटियों में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें भविष्य में उच्च पदों पर पहुंचने के लिए प्रेरित करना है।
कार्यक्रम के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम आईएएस मयंक त्रिपाठी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने बच्चों को डॉक्टर, आईएएस, पुलिस अधिकारी और क्रिकेटर बनने के लिए मेहनत, लगन और निरंतर पढ़ाई करने की प्रेरणा दी।
वहीं, समाधान दिवस में आम लोगों की समस्याओं की सुनवाई भी की गई। इस दौरान कुल 37 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से चार का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। शेष 33 शिकायतों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। मिशन शक्ति के तहत आयोजित इस पहल को बालिकाओं को प्रशासनिक व्यवस्था से परिचित कराने और उनके सपनों को नई दिशा देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।









