
जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब एक बजे तीन गाड़ियों से पहुंची जीएसटी टीम की कार्रवाई के दौरान व्यापारी ने अधिकारियों पर परिचय नहीं देने, कर्मचारियों के साथ मारपीट करने, मोबाइल छीनने और कागजात जब्त करने के आरोप लगाए।
सर्च वारंट को लेकर बढ़ा विवाद
व्यापारी सुबोध अग्रवाल का आरोप है कि टीम से सर्च वारंट मांगे जाने पर शुरुआत में वारंट नहीं दिखाया गया। करीब आधे घंटे बाद दिखाए गए वारंट पर भी उन्होंने आपत्ति जताई और कहा कि वह उनकी फर्म के नाम पर नहीं था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस और हाथापाई की स्थिति बन गई।
हंगामे के दौरान अन्य व्यापारी भी मौके पर एकत्र हो गए और नारेबाजी की। पुलिस तथा व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति संभाली। वहीं, जीएसटी अधिकारियों ने व्यापारियों के आरोपों को खारिज किया है। मामले में दोनों पक्षों के आधिकारिक तथ्यों और कार्रवाई की विस्तृत जानकारी का इंतजार है।









