हरियाणा में बिजली विभाग के निजीकरण को लेकर विवाद बढ़ गया है| कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कर्मचारियों के आंदोलन और बिजली संकट का मुद्दा उठाया|
बिजली निजीकरण पर सरकार को घेरा
रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा की बीजेपी सरकार पर बिजली विभाग के निजीकरण को लेकर सवाल उठाए हैं| उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिजली वितरण व्यवस्था को निजी कंपनियों के हाथों में सौंपने की दिशा में आगे बढ़ रही है| इस फैसले को लेकर बिजली विभाग के कर्मचारियों में नाराजगी है और वे विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं| हुड्डा ने कहा कि बिजली विभाग के निजीकरण के मुद्दे पर सरकार को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए|
कर्मचारियों की हड़ताल से सेवाओं पर असर
बिजली विभाग के कर्मचारियों ने निजीकरण के विरोध में हड़ताल शुरू की है| कर्मचारी संगठनों का कहना है कि निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस देने का फैसला सरकारी बिजली व्यवस्था और कर्मचारियों के हितों को प्रभावित कर सकता है| इसी मुद्दे पर राज्यभर में विरोध किया जा रहा है| हुड्डा ने दावा किया कि कर्मचारियों की हड़ताल के कारण हरियाणा के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है| हालांकि, बिजली आपूर्ति पर असर की सीमा की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है|
निजीकरण के मुद्दे पर बढ़ा विवाद
हरियाणा में बिजली वितरण के निजीकरण का मुद्दा अब राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है| कांग्रेस नेता इस मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि बिजली कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं| कर्मचारियों की प्रमुख चिंता निजी कंपनी की भागीदारी से सरकारी बिजली निगम और उनकी नौकरियों पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर है| ऐसे में बिजली व्यवस्था को लेकर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच आगे होने वाली बातचीत महत्वपूर्ण होगी| फिलहाल, निजीकरण को लेकर विरोध जारी है और इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है|









