जानकारी के मुताबिक, विवाद लखपेड़ाबाग चौराहे पर बूथ लगाने के लिए निर्धारित जगह को लेकर शुरू हुआ। भाजपा नेताओं का आरोप था कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आदित्य सिंह टाइगर की मार्केट के सामने उनकी निर्धारित जगह पर बिना अनुमति बूथ लगा दिया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया और सपा पर मनमानी करने का आरोप लगाया।
वहीं, समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भाजपा के आरोपों पर पलटवार किया। सपा नेताओं का कहना था कि भाजपा हार के डर से बौखलाई हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने उनके एजेंटों का बूथ जबरन हटवाया और दबाव की राजनीति की। हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
विवाद की जानकारी मिलने पर भाजपा की ओर से जंग बहादुर पटेल, राकेश पटेल और रोहित सिंह मौके पर पहुंचे। वहीं, समाजवादी पार्टी की तरफ से हाफिज अयाज, प्रीतम सिंह और आशीष सिंह आर्य घटनास्थल पर पहुंचे। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से माहौल गरमा गया। स्थिति बिगड़ने की आशंका के बीच पुलिस ने मोर्चा संभाला और मौके पर मौजूद लोगों को नियंत्रित किया।
एमएलसी चुनाव से ठीक पहले हुई इस घटना ने बाराबंकी में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। फिलहाल, पूरे घटनाक्रम में दोनों पक्षों के आरोपों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना महत्वपूर्ण है।









