दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ (CJP) नेताओं की गिरफ्तारी के बाद विपक्षी दल सरकार से सवाल पूछ रही है|
गिरफ्तारी के बाद राहुल गांधी ने उठाई आवाज
दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है| कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के बाद मामला और गरमा गया| दोनों नेताओं को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आने के बाद विपक्षी नेताओं ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए|
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गिरफ्तारी का विरोध करते हुए कहा कि जंतर-मंतर देश के नागरिकों का है और तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना अपराध नहीं हो सकता| उन्होंने युवाओं को जेल भेजने की कार्रवाई को कायरतापूर्ण बताया| राहुल गांधी ने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करना नागरिकों का अधिकार है और इस अधिकार की रक्षा के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी|
ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी पर नाराजगी जताई| उन्होंने इस कार्रवाई को युवाओं की पूरी पीढ़ी को डराने और उनकी आवाज दबाने की कोशिश के रूप में पेश किया| ममता बनर्जी ने कहा कि संवैधानिक अधिकारों से पीछे नहीं हटेंगे| उन्होंने प्रदर्शनकारियों के प्रति समर्थन जताते हुए भरोसा दिलाया कि वह उनके साथ खड़ी हैं|
केजरीवाल ने बताया हास्यस्पद
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी दोनों नेताओं की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया दी| उन्होंने सवाल किया कि क्या अपने ही देश में राष्ट्रीय ध्वज फहराना अपराध माना जा सकता है| केजरीवाल ने इस स्थिति को हास्यास्पद बताते हुए गिरफ्तारी पर हैरानी जताई|









