महराजगंज। जनपद के सोहगीबरवा वन क्षेत्र में कथित रूप से दिनदहाड़े पेड़ों की कटाई किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जंगल से लकड़ियां काटकर पैसे लेकर बेची जा रही हैं और जलावन के नाम पर भी लकड़ी बाहर भेजी जा रही है। इससे जंगल के अस्तित्व और पर्यावरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि वन क्षेत्र में लंबे समय से अवैध कटान का खेल चल रहा है। आरोप है कि फॉरेस्टर रामफेर और एक वॉचर की कथित मिलीभगत से जंगल में कटाई को संरक्षण मिल रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित वनकर्मियों का पक्ष सामने आना बाकी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध कटान पर रोक नहीं लगाई गई तो सोहगीबरवा के जंगल को भारी नुकसान हो सकता है। ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जंगल में हो रही कटाई की निगरानी बढ़ाने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अब सवाल यह है कि वन विभाग इस पूरे मामले की जांच कब शुरू करता है और जंगल की सुरक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं। मामले में विभागीय जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।









