निचलौल/महराजगंज। निचलौल विकासखंड के खंड विकास अधिकारी (BDO) के रोजाना महराजगंज से निचलौल आने-जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि अधिकारी को निचलौल में सरकारी आवास आवंटित होने के बावजूद वह कथित रूप से महराजगंज से प्रतिदिन आवागमन करते हैं।
मामले को लेकर सबसे बड़ा सवाल सरकारी वाहन और ईंधन के इस्तेमाल को लेकर है। यदि अधिकारी के आवागमन में सरकारी वाहन का प्रयोग किया जा रहा है, तो वाहन की लॉगबुक, किलोमीटर विवरण और ईंधन खर्च की जांच से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। आरोप है कि यह आवागमन पिछले कई महीनों से जारी है।
स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि सरकारी आवास आवंटित होने के बावजूद उसका नियमित उपयोग क्यों नहीं किया जा रहा है। साथ ही, रोजाना आवागमन के लिए विभागीय अनुमति है या नहीं, इसकी जानकारी भी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मामले में सरकारी वाहन की लॉगबुक, ईंधन पर्चियां, किलोमीटर रिकॉर्ड, वाहन के उपयोग का विवरण तथा सरकारी आवास आवंटन और उपयोग से संबंधित अभिलेखों की जांच की मांग की जा रही है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में संबंधित विभागीय अधिकारियों का पक्ष और अभिलेखों की जांच महत्वपूर्ण होगी। अब देखना है कि जिला प्रशासन मामले की जांच कराकर सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर उठे सवालों की वास्तविकता सामने लाता है या नहीं।









