पटना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कथित एकतरफा फैसलों और मतदाता सूची से जुड़े सवालों के विरोध में बिहार कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ता चाणक्य होटल से आर ब्लॉक होते हुए राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालना चाहते थे, लेकिन विधानसभा के पास पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पर चढ़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
पटना की सड़क पर कांग्रेस का हंगामा
हाथों में बैनर-पोस्टर और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी
प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश करते नजर आए
जिसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
कांग्रेस कार्यकर्ता चाणक्य होटल और आर ब्लॉक से मार्च करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे।
विधानसभा के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया।
इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और उसे पार करने की कोशिश करने लगे।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।
कांग्रेस के बैनर-पोस्टर पर चुनाव आयोग और वोटिंग प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए।
कांग्रेस का आरोप है कि बिहार में एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की प्रक्रिया के दौरान कई सवाल खड़े हुए हैं।
पार्टी ने मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग से जवाब मांगा है।
पटना में कांग्रेस के इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची और एसआईआर से जुड़े सवालों का जवाब चुनाव आयोग को देना होगा।
फिलहाल प्रदर्शन को देखते हुए विधानसभा के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। कांग्रेस ने साफ किया है कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर उसका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
रिपोर्ट :रमण कुमार









