महराजगंज घुघली चुनाव में हार-जीत राजनीति का हिस्सा है, लेकिन हार के बाद भी जनता के बीच बने रहना और लोगों के सुख-दुःख में लगातार शामिल होना अपने आप में मिसाल है। घुघली नगर पंचायत से अध्यक्ष पद के लिए लगातार तीन बार चुनाव लड़ चुके समाजसेवी ओम प्रकाश गुप्ता तीनों चुनाव में हार के बावजूद जनसंपर्क से दूर नहीं हुए। आज भी वह लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं में सहयोग करने का प्रयास करते हैं।
उपनगर घुघली निवासी ओम प्रकाश गुप्ता को समाजसेवा की प्रेरणा विरासत में मिली है। गरीब, बेसहारा और जरूरतमंद लोगों की मदद करना तथा लोगों के सुख-दुःख में शामिल होना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। यही वजह है कि चुनाव परिणाम उनके जनसंपर्क और सामाजिक गतिविधियों पर प्रभाव नहीं डाल सके।
ओम प्रकाश गुप्ता ने पहली बार नगर पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव कड़ाही चुनाव चिन्ह पर लड़ा था। इसके बाद दूसरी बार उन्हें अनार चुनाव चिन्ह मिला। लगातार सक्रियता और चुनावी प्रदर्शन को देखते हुए तीसरी बार भाजपा ने उन्हें अपना प्रत्याशी बनाया, लेकिन इस चुनाव में भी वह कुछ मतों के अंतर से जीत से दूर रह गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार तीन बार चुनाव हारने के बावजूद ओम प्रकाश गुप्ता ने लोगों से मिलना-जुलना और सामाजिक गतिविधियों में भाग लेना नहीं छोड़ा। भाजपा के तिरंगा यात्रा समेत विभिन्न कार्यक्रमों में भी वह सक्रिय रूप से शामिल होते हैं। समर्थकों का कहना है कि चुनावी हार के बावजूद उनका संघर्ष और जनता से जुड़ाव लगातार जारी है।









