लखीमपुर खीरी। जिले में इस बार बाढ़, कटान और अतिवृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिले की
पांच तहसीलों में बाढ़ का असर देखने को मिला है, जिससे कृषि भूमि और फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन के मुताबिक, बाढ़ और कटान के कारण करीब 313 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हुई है, जबकि लगभग 8,141 हेक्टेयर फसल बाढ़ की चपेट में आई है।
वहीं, हाल ही में हुई अतिवृष्टि से भी किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। बारिश के कारण करीब 7,970 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। बाढ़ और अतिवृष्टि से जिले के लगभग 34 हजार 667 किसान प्रभावित हुए हैं। नुकसान के चलते किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराने की आशंका है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए सर्वे का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। अब प्रभावित किसानों का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है, ताकि नियमानुसार राहत और मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
इस संबंध में जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि आकाशीय बिजली, बाढ़ और अतिवृष्टि के कारण जिन लोगों के मकान, पशु या अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, उन्हें जल्द राहत देने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि गन्ने के अलावा केला और अन्य औद्यानिक फसलें भी प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुई हैं। प्रशासन नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों और परिवारों तक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया में जुटा है।
अंजनी कुमार सिंह, जिलाधिकारी, खीरी









