बाल श्रम के खिलाफ अभियान में दो बाल श्रमिक अवमुक्त, सेवायोजक पर होगी विधिक कार्रवाई

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कुशीनगर। बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन अभियान के तहत मंगलवार को श्रम विभाग, पुलिस विभाग और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम ने जिले में बाल श्रम के विरुद्ध अभियान चलाया। अभियान के दौरान कुबेरस्थान क्षेत्र स्थित एक दुकान का निरीक्षण किया गया। यहां दो बाल श्रमिक कार्य करते हुए पाए गए। टीम ने दोनों बच्चों को तत्काल कार्य से अवमुक्त कराया।

अभियान के दौरान टीम ने मौके पर बाल श्रम से संबंधित आवश्यक जानकारी जुटाई और दोनों बाल श्रमिकों को आवश्यक कार्रवाई के बाद बाल कल्याण समिति, कुशीनगर के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए सुपुर्द किया। विभाग की ओर से दोनों बच्चों के शैक्षिक एवं आर्थिक पुनर्वासन की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है, ताकि उन्हें दोबारा बाल श्रम की स्थिति में न जाना पड़े और उनकी शिक्षा प्रभावित न हो।

वहीं, बच्चों से काम कराने वाले संबंधित सेवायोजक के विरुद्ध भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। श्रम विभाग ने सेवायोजक को अधिनियम के तहत नोटिस जारी करते हुए नियमानुसार विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है। श्रम विभाग ने आमजन से अपील की है कि किसी भी बच्चे से श्रम न कराया जाए और बाल श्रम की जानकारी मिलने पर संबंधित विभाग को सूचित किया जाए।

विभाग के अनुसार बच्चों से काम कराना कानूनन अपराध है। प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और सुरक्षित बचपन का अधिकार है। बाल एवं किशोर श्रम से संबंधित अधिनियम के प्रावधानों के तहत दोषी सेवायोजक के विरुद्ध छह माह से दो वर्ष तक के कारावास तथा 20 हजार से 50 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी अलंकृता उपाध्याय, थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग पुलिस टीम के मुकेश यादव व निकिता मिश्रा तथा चाइल्ड हेल्पलाइन के मानस और पंकज सहित संबंधित कार्मिक शामिल रहे। अधिकारियों ने बताया कि बाल श्रम के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

 

साजिद अंसारी पड़रौना

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