(गर्मी और सूखे के बीच धान की फसल पर मंडराया संकट, पानी की तलाश में खेतों से बाहर निकल रहे जंगली जीव)
कुशीनगर। सितंबर का महीना बीतने को है, लेकिन बारिश का इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। लगातार बढ़ती गर्मी और बारिश की कमी ने किसानों के साथ-साथ पशु-पक्षियों की परेशानी भी बढ़ा दी है। खेतों में धान की फसल तैयार होने की ओर है, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों को डर है कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो धान की फसल सूखकर प्रभावित हो सकती है।
बारिश के अभाव में खेतों की नमी लगातार कम हो रही है। किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं और फसल को बचाने के लिए किसी तरह सिंचाई का इंतजाम कर रहे हैं। धान की फसल के लिए इस समय पानी की आवश्यकता महत्वपूर्ण मानी जा रही है, ऐसे में बारिश नहीं होने से किसानों पर अतिरिक्त खर्च का दबाव भी बढ़ रहा है।
इसका असर खेतों और जंगलों में रहने वाले पशु-पक्षियों पर भी दिखाई दे रहा है। पानी की तलाश में जंगली जीव अपने ठिकानों से बाहर निकलकर खेतों और आबादी के आसपास पहुंच रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सियार जैसे जंगली जानवर खेतों के आसपास बेचैनी से घूमते दिखाई दिए। ग्रामीणों के अनुसार, पानी की कमी के कारण वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास भी प्रभावित हो रहा है।
किसानों का कहना है कि यदि जल्द अच्छी बारिश हो जाए तो धान की फसल को राहत मिल सकती है। फिलहाल किसान फसल बचाने के साथ-साथ मौसम के करवट बदलने का इंतजार कर रहे हैं।









