दरअसल, 18 अक्टूबर को कोताना गांव निवासी प्रमोद उर्फ मोगली (50) का शव खेत में ट्यूबवेल के पास मिला था। प्रमोद घर से रामलीला देखने निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। पुलिस जांच में हत्या की चौंकाने वाली कहानी सामने आई।
पुलिस पूछताछ में सिकंदर ने बताया कि वह प्रमोद की दुकान किराये पर लेकर बाइक रिपेयरिंग करता था। इसी दौरान प्रमोद की पत्नी उर्मिला से उसके प्रेम संबंध हो गए। दोनों देहरादून जाकर साथ रहना चाहते थे। इसके लिए प्रमोद की हत्या की योजना बनाई गई।
आरोप है कि उर्मिला ने सिकंदर को दो नशीली गोलियां देकर प्रमोद की शराब में मिलाने को कहा। सीसीटीवी से बचने के लिए खेतों के रास्ते जाने की हिदायत भी दी। सिकंदर ने शराब में गोलियां मिलाईं और बाद में बोतल से सिर पर हमला कर प्रमोद की हत्या कर दी।
हत्या की पुष्टि मिलते ही उर्मिला ने सिकंदर को व्हाट्सऐप पर ब्लॉक कर दिया। सीओ बड़ौत अंशु जैन के मुताबिक, सिकंदर पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से घायल हुआ, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।








