कुशीनगर। खड्डा तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत सेमरा में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर एक किसान ने सवाल उठाए हैं। किसान संध्या देवी का आरोप है कि बिजली विभाग ने उनकी निजी जमीन पर विद्युत पोल खड़ा कर दिया है और प्रस्तावित ट्रांसफार्मर के लिए लाइन भी दौड़ा दी गई है। किसान का कहना है कि जमीन का इस्तेमाल भविष्य में मकान निर्माण के लिए किया जाना है। ऐसे में पोल और ट्रांसफार्मर लगने से निर्माण कार्य में परेशानी हो सकती है।
बताया जा रहा है कि सेमरा गांव कोटवा विद्युत वितरण उपकेंद्र के अंतर्गत आता है। किसान संध्या देवी के अनुसार, जिस स्थान पर विद्युत पोल लगाया गया है, वह उनकी निजी भूमि है। उनका दावा है कि मौके से करीब 50 मीटर की दूरी पर ग्राम पंचायत की सार्वजनिक भूमि भी उपलब्ध है। इसके बावजूद निजी जमीन को विद्युत ढांचा लगाने के लिए चुने जाने पर उन्होंने आपत्ति जताई है।
किसान का कहना है कि उन्होंने मामले की शिकायत बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के साथ ही तहसील प्रशासन और उपजिलाधिकारी से भी की, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। उनका सवाल है कि यदि निजी भूमि पर विद्युत पोल और ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा है तो इसके लिए भूमि स्वामी की सहमति और संबंधित वैधानिक प्रक्रिया क्या अपनाई गई है।
मामले में बिजली विभाग के जेई और एसडीओ से बात की गई तो उनका कहना था कि विद्युत पोल और ट्रांसफार्मर विभागीय सर्वे के आधार पर लगाए जा रहे हैं। हालांकि किसान की शिकायत और पास में सार्वजनिक भूमि उपलब्ध होने के दावे के बाद मौके की दोबारा जांच की मांग उठ रही है।
अब सवाल यह है कि विभाग ने विद्युत ढांचा लगाने के लिए संबंधित भूमि का चयन किन मानकों के आधार पर किया और क्या निजी भूमि के इस्तेमाल से पहले सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की गईं। किसान की शिकायत के बाद विभाग द्वारा मौके का दोबारा निरीक्षण किया जाता है या नहीं, यह देखना होगा।









