कुशीनगर। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों और युवाओं को बेहतर अध्ययन का माहौल उपलब्ध कराने की दिशा में प्रशासन की ओर से पहल तेज की जा रही है। इसी क्रम में रामकोला विकास खंड के ग्राम पंचायत बिहुली निस्फी में डिजिटल लाइब्रेरी की शुरुआत की गई। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयंक त्रिपाठी ने डिजिटल लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। लाइब्रेरी में किताबों के साथ कंप्यूटर और वाई-फाई जैसी डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
गांव में ही मिलेंगे पढ़ाई के आधुनिक संसाधन
गांव में शुरू की गई डिजिटल लाइब्रेरी का उद्देश्य विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को स्थानीय स्तर पर अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराना है। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर बच्चों और युवाओं को बेहतर पुस्तकालय, कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा के लिए कस्बे या शहर का रुख करना पड़ता है। डिजिटल लाइब्रेरी शुरू होने से उन्हें गांव में ही पढ़ाई के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।
लाइब्रेरी में विद्यार्थियों के लिए अध्ययन सामग्री के साथ कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा दी गई है। इससे विद्यार्थी ऑनलाइन शैक्षणिक सामग्री, प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित जानकारी और अन्य डिजिटल संसाधनों का इस्तेमाल कर सकेंगे।
अब तक 12 डिजिटल लाइब्रेरियों का उद्घाटन
उद्घाटन के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयंक त्रिपाठी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत उन्हें उचित संसाधन और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने की है। डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से गांव के बच्चों और युवाओं को पढ़ाई के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि विकास खंड क्षेत्र में अब तक 12 डिजिटल लाइब्रेरियों का उद्घाटन किया जा चुका है। इनका प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना और उन्हें अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण देना है।
कमजोर परिवारों के बच्चों को भी मिलेगा लाभ
ग्रामीण क्षेत्र में डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा विशेष रूप से उन परिवारों के बच्चों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिनके लिए निजी तौर पर कंप्यूटर, इंटरनेट और महंगी अध्ययन सामग्री की व्यवस्था करना आसान नहीं है। गांव में ही ऐसी सुविधा मिलने से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अतिरिक्त खर्च और लंबी दूरी तय करने की जरूरत कम हो सकती है।
प्रशासन की ओर से शिक्षा के साथ-साथ गांवों में अन्य बुनियादी सुविधाओं को भी मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत आरआरसी सेंटर और अमृत सरोवर जैसी योजनाओं को गति देने की बात कही गई है। आरआरसी सेंटर के माध्यम से स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने, जबकि अमृत सरोवर के जरिए जल संरक्षण को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
बिहुली निस्फी में डिजिटल लाइब्रेरी की शुरुआत के बाद अब इसकी उपयोगिता इस बात पर निर्भर करेगी कि विद्यार्थी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा इसका नियमित रूप से कितना लाभ उठाते हैं। प्रशासन की इस पहल से गांव में ही पढ़ाई के लिए किताबों के साथ डिजिटल संसाधन उपलब्ध होने का रास्ता खुला है।









