नशीली दवाओं के कथित अवैध कारोबार पर प्रशासन का शिकंजा, चार मेडिकल स्टोरों की जांच से मचा हड़कंप

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महराजगंज/नौतनवा। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में नशीली दवाओं और ड्रग्स के कथित अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए प्रशासन ने मंगलवार देर शाम नौतनवा नगर में बड़ी कार्रवाई की। ड्रग्स इंस्पेक्टर और पुलिस की संयुक्त टीम ने चार मेडिकल स्टोरों पर अचानक छापेमारी कर दवाओं के स्टॉक, बिक्री रजिस्टर, लाइसेंस तथा नारकोटिक श्रेणी की दवाओं से संबंधित अभिलेखों की गहन जांच की। कार्रवाई की सूचना मिलते ही मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मच गया।

यह अभियान क्षेत्राधिकारी नौतनवा बसंत सिंह और ड्रग्स इंस्पेक्टर के नेतृत्व में चलाया गया। टीम ने चारों मेडिकल स्टोरों में उपलब्ध दवाओं के स्टॉक और बिक्री संबंधी दस्तावेजों का मिलान किया। इसके साथ ही नारकोटिक श्रेणी में आने वाली दवाओं की खरीद-बिक्री से संबंधित अभिलेखों की भी जांच की गई।

अधिकारियों के अनुसार, भारत-नेपाल सीमा का फायदा उठाकर नशीली गोलियों, कफ सिरप और इंजेक्शनों के कथित अवैध कारोबार की शिकायतों को देखते हुए यह कार्रवाई की गई। जांच के दौरान कुछ दवाओं के नमूने लिए गए, जिन्हें सील कर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दवाओं की गुणवत्ता और वैधता के संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी।

छापेमारी की सूचना मिलते ही नगर के अन्य मेडिकल स्टोर संचालकों में भी अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। कई दुकानों के शटर बंद होने की बात भी सामने आई। कार्रवाई को लेकर देर रात तक बाजार में चर्चाओं का दौर चलता रहा।

ड्रग्स इंस्पेक्टर ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। नौतनवा में चार मेडिकल स्टोरों की जांच की गई है और लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला में जांच कराई जाएगी। यदि जांच में प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री, अभिलेखों में अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मेडिकल स्टोरों की जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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