फरेंदा/बिशुनपुर अदरौना (महराजगंज)। मां लेहड़ा देवी मंदिर परिसर के पीछे स्थित पावही तालाब की बदहाल स्थिति को सुधारने के लिए स्थानीय युवाओं द्वारा चलाया जा रहा स्वच्छता अभियान क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पिछले छह दिनों से युवा लगातार श्रमदान कर तालाब की सफाई में जुटे हैं। युवाओं के इस प्रयास की समाजसेवियों ने सराहना करते हुए उनका सम्मान किया।
समाजसेवी टिल्लू यादव के नेतृत्व में श्रीधर यादव, महेश, मोनू, दीपक, रंजीत, अंगद समेत अन्य युवा तालाब से गंदगी और कचरा हटाने में जुटे हैं। युवाओं के इस अभियान का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद लोगों का ध्यान इस ओर गया और उनके प्रयास की सराहना होने लगी।
इसी क्रम में समाजसेवी करमचंद यादव, सभासद गुड्डू यादव, शिवम जायसवाल, जितेंद्र यादव, संजय राव, कपिल यादव, आलोक कुमार और दीपक कुमार समेत अन्य लोग अभियान स्थल पर पहुंचे। उन्होंने श्रमदान कर रहे युवाओं का उत्साह बढ़ाया। इस दौरान टिल्लू यादव और उनकी टीम को फूल-माला पहनाकर तथा मिठाई खिलाकर सम्मानित किया गया। साथ ही मां लेहड़ा देवी की तस्वीर भेंट कर युवाओं के सामाजिक योगदान की सराहना की गई।
समाजसेवियों ने कहा कि मां लेहड़ा देवी मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसे धार्मिक स्थल के आसपास स्वच्छता बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। युवाओं ने जिस तरह बिना किसी सरकारी पहल का इंतजार किए स्वयं सफाई अभियान शुरू किया है, वह अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणादायक है।
जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर नाराजगी
अभियान में जुटे युवाओं और मौके पर पहुंचे समाजसेवियों ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि छह दिनों से युवा लगातार श्रमदान कर रहे हैं, लेकिन समस्या की सुध लेने और युवाओं का उत्साह बढ़ाने के लिए शुरुआती दिनों में जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई पहल नहीं हुई।
युवाओं ने जिलाधिकारी से मांग की है कि धार्मिक स्थल की स्वच्छता के लिए निस्वार्थ भाव से श्रमदान करने वाली टीम के योगदान को संज्ञान में लेकर उन्हें सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही पावही तालाब की नियमित सफाई और संरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की भी मांग की गई।
युवाओं की इस पहल ने क्षेत्र में स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सामूहिक प्रयास से पावही तालाब को साफ रखने के साथ-साथ मंदिर परिसर की सुंदरता और पवित्रता भी बरकरार रखी जा सकती है।









