पटना। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने चुनाव आयोग के फैसलों, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के अल्टीमेटम और प्रदेश में हालिया आपराधिक घटना को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में मतभिन्नता होना स्वाभाविक है, लेकिन निर्णय सामूहिक रूप से लिया जाता है और अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री के स्तर पर होता है। इसी तरह चुनाव आयोग में भी निर्णय आयोग के स्तर पर लिया जाता है।
राहुल गांधी और विपक्ष की ओर से दिए जा रहे अल्टीमेटम पर मांझी ने कहा कि विपक्ष के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं।
प्रदेश में हुई हालिया आपराधिक घटना पर उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे शर्मनाक और दर्दनाक बताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह जमुई की घटना में त्वरित कार्रवाई की गई थी, उसी तरह इस मामले में भी जल्द और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मांझी ने लालू प्रसाद के शासनकाल और वर्तमान सरकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि उनके अनुसार पूर्व के शासनकाल में अपराधियों का बोलबाला था और डॉक्टरों के अपहरण तथा वाहनों की चोरी जैसी घटनाएं होती थीं। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में अपराधियों में भय पैदा करने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
तेजस्वी यादव के बयान पर पलटवार करते हुए मांझी ने कहा कि उन्हें पहले अपने माता-पिता के शासनकाल को याद करना चाहिए और जेलों में बंद लोगों की स्थिति पर भी नजर डालनी चाहिए।









