कुशीनगर। कैंसर मरीजों को इलाज के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में छह बेड का डे-केयर सेंटर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य मरीजों को गंभीर स्थिति में दूसरे अस्पताल ले जाने से पहले प्राथमिक उपचार और चिकित्सकीय निगरानी उपलब्ध कराना है।
मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में तैयार किए गए इस सेंटर में कैंसर मरीजों को अचानक बुखार, कमजोरी, उल्टी, सांस लेने में परेशानी, दवाओं के प्रतिकूल प्रभाव अथवा अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर तत्काल भर्ती कर प्राथमिक उपचार दिया जाएगा। मरीजों को करीब छह घंटे तक निगरानी में रखने की व्यवस्था होगी।
हालत स्थिर होने पर उसी अस्पताल में होगी वापसी
डे-केयर सेंटर में कैंसर का मुख्य उपचार शुरू नहीं किया जाएगा। मरीज की स्थिति स्थिर होने के बाद उसे उसी अस्पताल में वापस भेजा जाएगा, जहां उसका कैंसर उपचार चल रहा है। यदि मरीज का इलाज गोरखपुर, लखनऊ या किसी अन्य अस्पताल में चल रहा है और अचानक तबीयत बिगड़ती है तो उसे पहले कुशीनगर मेडिकल कॉलेज लाकर आवश्यक चिकित्सकीय सहायता दी जा सकेगी।
मेडिकल कॉलेज में फिलहाल कैंसर रोग विशेषज्ञ की नियमित तैनाती नहीं है। ऐसे में डे-केयर सेंटर को बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर से जोड़ा गया है। जरूरत पड़ने पर बीआरडी के विशेषज्ञों से चिकित्सकीय मार्गदर्शन लिया जाएगा।
मरीजों को मिलेगा तत्काल सहारा
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. केपी गौड़ के अनुसार, छह बेड का डे-केयर सेंटर तैयार किया गया है। इसका मकसद कैंसर मरीजों की अचानक बिगड़ने वाली तबीयत में उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार और निगरानी उपलब्ध कराना है। मरीज की स्थिति स्थिर होने के बाद उसे आगे के उपचार के लिए संबंधित अस्पताल भेजा जाएगा।
इस सुविधा से कुशीनगर और आसपास के क्षेत्रों के कैंसर मरीजों व उनके परिजनों को आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता मिलने की उम्मीद है।









