कानपुर नगर। ब्रह्मानंद कॉलेज में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित तौर पर लाखों रुपये लेने और नियुक्ति नहीं देने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। शिकायतकर्ता शशांक शुक्ला की शिकायत पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विवेक द्विवेदी के खिलाफ छावनी थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। बताया गया है कि पुलिस उपायुक्त पूर्वी सत्यजीत गुप्ता के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच आगे की पुलिस कार्रवाई और साक्ष्यों के आधार पर होगी।
शिकायतकर्ता शशांक शुक्ला का आरोप है कि वर्ष 2013 में स्थायी नियुक्ति का भरोसा देकर उनसे तीन लाख रुपये लिए गए, लेकिन उन्हें नौकरी नहीं मिली। उनका यह भी आरोप है कि रकम वापस मांगने पर उन्हें कथित तौर पर धमकी दी गई और नियुक्ति के नाम पर अतिरिक्त 22 लाख रुपये की मांग की गई।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने बातचीत से संबंधित एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस पद पर उन्हें नियुक्ति का भरोसा दिया गया था, उस पर प्राचार्य ने अपने भाई मनीष द्विवेदी की नियुक्ति करा दी। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। संबंधित पक्ष का जवाब भी मामले की निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए महत्वपूर्ण होगा।
शिकायतकर्ता ने बताया कि लंबे समय तक अपनी शिकायत के निस्तारण के लिए प्रयास करने के बाद उन्होंने 29 सितंबर 2026 को लखनऊ में पुलिस महानिदेशक कार्यालय में अपनी बात रखी। इसके बाद पुलिस महानिदेशक कार्यालय की ओर से पुलिस कमिश्नर, कानपुर को मामले की जांच के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई।
बताया गया है कि पुलिस उपायुक्त पूर्वी स्तर पर जांच के बाद छावनी थाने में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए। इसके अनुपालन में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
फिलहाल, मामले में FIR दर्ज होने के बाद पुलिस की जांच आगे बढ़ने की उम्मीद है। आरोपों की सत्यता जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से तय होगी। FIR दर्ज होना अपने आप में किसी आरोप को साबित नहीं करता।









