अमेठी। उत्तर प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में घुमंतू समाज के लोगों से नशे की आदत छोड़ने और शिक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि समाज को आगे बढ़ाना है और परिवार का भविष्य बेहतर बनाना है, तो नशे से दूरी बनाकर बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देना होगा।
मंच से संबोधित करते हुए राज्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग शाम के समय खुले स्थानों पर नशा करके सड़क किनारे लेट जाते हैं। उन्होंने लोगों से इस आदत को छोड़ने की अपील करते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर नशा करके पड़े रहने के बजाय अपने परिवार और बच्चों के भविष्य के बारे में सोचना चाहिए।
शिक्षा पर दिया जोर
मयंकेश्वर शरण सिंह ने कहा कि घुमंतू और बारा समाज को आगे बढ़ने के लिए शिक्षित होना जरूरी है। शिक्षा के माध्यम से ही युवाओं के लिए रोजगार और नौकरी के अवसर बढ़ सकते हैं। उन्होंने जंतर-मंतर पर नौकरी की मांग को लेकर प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों की शैक्षिक योग्यता का उल्लेख करते हुए कहा कि कम शैक्षिक योग्यता के साथ रोजगार प्राप्त करने में कठिनाइयां आती हैं। उनका जोर युवाओं को बेहतर शिक्षा और कौशल से जोड़ने पर रहा।
सरकारी योजनाओं का भी किया जिक्र
राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार बंजारा समाज और घुमंतू समुदायों को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। उन्होंने समाज के लोगों से इन योजनाओं का लाभ उठाने, बच्चों को शिक्षित करने और सामाजिक विकास में भागीदारी निभाने की अपील की।
राज्यमंत्री के संबोधन में नशामुक्ति, शिक्षा और रोजगार को समाज की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
प्रकाशन से पहले ध्यान दें: उपलब्ध विवरण में कार्यक्रम का नाम और आयोजन की सटीक तारीख स्पष्ट नहीं है, इसलिए खबर में इन्हें शामिल नहीं किया गया है। यदि यह बयान 24 अक्टूबर 2026 के इन्हौना स्थित ‘घुमंतू गौरव समागम’ का है, तो आयोजन का संदर्भ जोड़ा जा सकता है।








