
मोना ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के नौ जिलों में योजना के क्रियान्वयन में गड़बड़ियां सामने आई हैं। उन्होंने अयोध्या का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि बारिश के दौरान 1,252 लोगों की हाजिरी दर्ज की गई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि योजना में कथित अनियमितताओं से गरीब मजदूरों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मजदूरों के हितों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराने की जरूरत है।
आराधना मिश्रा मोना ने चेतावनी दी कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरेगी और आंदोलन करेगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने योजना से जुड़े आरोपों को उठाते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित सरकारी पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।









