नियमितीकरण और समान वेतन की मांग को लेकर NHM संविदा कर्मियों का धरना, कार्य बहिष्कार से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

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22 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी, सीएमओ कार्यालय परिसर में कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

ललितपुर। राहुल साहू। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को ललितपुर के मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय परिसर में बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन कर नाराजगी जताई। कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने का दावा किया गया है।

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि छत्तीसगढ़, हरियाणा और महाराष्ट्र की तर्ज पर प्रदेश में 10 से 15 वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग में नियमित किया जाए।

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने वेतन में सम्मानजनक वृद्धि, 10 लाख रुपये का कैशलेस चिकित्सा बीमा, महंगाई भत्ता, ईपीएफ, ग्रेच्युटी और मकान किराया भत्ता देने की मांग उठाई।

संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा। इसके तहत प्रदेशभर में काली पट्टी बांधकर विरोध, जिला मुख्यालयों पर धरना और पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। वहीं, 22 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।

कर्मचारियों का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान प्रदेश के एक लाख से अधिक संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने जान जोखिम में डालकर सेवाएं दी थीं। इसके बावजूद उनकी मांगें लंबित हैं। उन्होंने सरकार से जल्द समाधान निकालने की अपील की है।

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