मेजर शमशेर सिंह और डॉ. बाला लखेंद्र के मार्गदर्शन में पहुंचे विद्यार्थियों ने राजनीति, भारतीय संस्कृति, आपातकाल, जनसेवा, करियर निर्माण और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर राज्यपाल से मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस दौरान वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद हुए शिमला समझौते की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर भी चर्चा हुई। राज्यपाल ने विद्यार्थियों को उस मेज का अवलोकन कराया, जिसके बारे में बताया गया कि वहां समझौते से संबंधित वार्ता हुई थी।
छात्र दल की ओर से रंजीत कुमार राय, गीतांजलि, मानस राज और आदित्य कुमार ने राज्यपाल को शिक्षा महाकुंभ 6.0 का स्मृति चिह्न भेंट किया। विद्यार्थियों ने एनआईटी हमीरपुर में विद्या भारती के हॉलिस्टिक एडुकेशन विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय आयोजन के उद्देश्यों, गतिविधियों और मीडिया कॉन्क्लेव की जानकारी भी साझा की।
प्रतिनिधिमंडल में शोधार्थियों के साथ पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के स्नातकोत्तर विद्यार्थी शामिल रहे। यह मुलाकात विद्यार्थियों के लिए ऐतिहासिक घटनाओं, प्रशासनिक अनुभवों और सार्वजनिक जीवन के विभिन्न पहलुओं को समझने का महत्वपूर्ण अवसर बनी।









