महराजगंज। शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व का शुभारंभ होते ही जहां जगह-जगह मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और प्रतिमा स्थापना की तैयारियां चल रही हैं, वहीं ठूठीबारी के चन्ने चौराहे पर कूड़े का ढेर स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। एक ओर लोग नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की आराधना में जुटे हैं, तो दूसरी ओर चौराहे पर फैली गंदगी स्थानीय सफाई व्यवस्था की हकीकत बयां कर रही है।
हैरानी की बात यह है कि चन्ने चौराहे पर नवरात्रि के दौरान करीब पांच से छह स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। ऐसे में इस महत्वपूर्ण स्थान पर कूड़े का ढेर लगा होना लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। धार्मिक आस्था से जुड़े इस अवसर पर श्रद्धालुओं की आवाजाही भी बढ़ने की संभावना रहती है। इसके बावजूद चौराहे पर गंदगी का दिखाई देना स्वच्छता व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े करता है।
सफाई की जिम्मेदारी केवल सफाईकर्मी की नहीं
क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखना केवल सफाईकर्मियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें स्थानीय नागरिकों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। सफाईकर्मी नियमित रूप से सफाई कर सकते हैं, लेकिन यदि लोग कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने के बजाय सड़क किनारे और सार्वजनिक जगहों पर फेंकते रहेंगे, तो साफ-सफाई बनाए रखना मुश्किल होगा। इसलिए लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए आसपास गंदगी फैलाने से बचना चाहिए।
वहीं, संबंधित प्रशासन को भी इस समस्या पर ध्यान देते हुए चन्ने चौराहे की नियमित सफाई सुनिश्चित करनी चाहिए। कूड़ा जमा होने वाले स्थानों की पहचान कर समय से उसका निस्तारण कराया जाए, ताकि लोगों को गंदगी से परेशानी न हो और धार्मिक आयोजनों के दौरान क्षेत्र स्वच्छ बना रहे।
नवरात्रि पर स्वच्छता बनाए रखने की जरूरत
नवरात्रि जैसे पावन पर्व पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना वाले स्थानों को साफ-सुथरा रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए प्रशासन, सफाईकर्मियों, पूजा समितियों और स्थानीय नागरिकों को मिलकर प्रयास करना होगा।
अब सवाल यह है कि चन्ने चौराहे पर लगे कूड़े के ढेर को हटाने के लिए संबंधित जिम्मेदार कब कदम उठाएंगे? क्या नवरात्रि के दौरान इस स्थान की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाएगी? स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देगा और नागरिक भी स्वच्छता बनाए रखने में अपना सहयोग देंगे।









