ढोल-नगाड़ों के बीच मां के दर्शन को पहुंचे भक्त, मेले में सजीं दुकानें; पांडवों के अज्ञातवास से जुड़ी है मान्यता
फरेंदा (महराजगंज)। शारदीय नवरात्र के पहले दिन फरेंदा स्थित मां लेहड़ा देवी शक्तिपीठ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शनिवार देर रात से ही मंदिर परिसर मां के जयकारों और भक्ति गीतों से गूंजने लगा। ढोल-नगाड़ों के बीच पहुंचे भक्तों ने मां के दर्शन-पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। महराजगंज के अलावा आसपास के जिलों और नेपाल से भी श्रद्धालु दरबार में पहुंचे।
नवरात्र मेले में प्रसाद, पूजा सामग्री, खिलौने और खानपान की दुकानें सजी रहीं। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने मेले में खरीदारी की। बच्चों में भी खासा उत्साह दिखाई दिया।

पांडवों के अज्ञातवास से जुड़ी मान्यता
मां लेहड़ा देवी मंदिर की प्राचीनता को लेकर क्षेत्र में कई धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। स्थानीय लोकश्रुति के अनुसार, मंदिर के आसपास का क्षेत्र प्राचीन काल में घने जंगलों से घिरा था, जिसे आद्रवन कहा जाता था। मान्यता है कि महाभारत काल में पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान यहां समय बिताया था और अर्जुन ने मां भगवती की आराधना की थी। हालांकि, इन मान्यताओं की ऐतिहासिक पुष्टि के लिए स्वतंत्र प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।
नवरात्र में बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, पेयजल, साफ-सफाई, कतार प्रबंधन और यातायात व्यवस्था महत्वपूर्ण रहती है। मंदिर के महंत ओम प्रकाश पांडेय के अनुसार, नवरात्र में विशेष भीड़ उमड़ती है, जबकि वर्षभर श्रद्धालु दर्शन के लिए आते रहते हैं।









