कुशीनगर में अपनी लंबित मांगों को लेकर लेखपालों का विरोध प्रदर्शन तेज होता जा रहा है। पिछले एक सप्ताह से लेखपाल विभिन्न तहसीलों में शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जता रहे हैं।
इसी क्रम में शनिवार को रामकोला थाना दिवस में पडरौना और कप्तानगंज तहसील के दर्जनों लेखपाल काली पट्टी बांधकर पहुंचे। लेखपालों ने ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार करते हुए सरकार से अपनी मांगों को पूरा करने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा।
कुशीनगर में लेखपाल संवर्ग की लंबित मांगों को लेकर विरोध जारी है। शनिवार को रामकोला थाना दिवस में पडरौना और कप्तानगंज तहसील के दर्जनों लेखपाल काली पट्टी बांधकर पहुंचे और ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार कर अपना विरोध दर्ज कराया।
लेखपालों ने आंदोलन की अगली रणनीति भी घोषित कर दी है। इसके तहत 12 अक्टूबर को तहसील और जिला मुख्यालय पर रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा।
14 अक्टूबर को मोटरसाइकिल रैली निकालकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं होने पर 17 से 23 अक्टूबर तक तहसीलों में संपूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
लेखपालों ने चेतावनी दी है कि यदि इसके बाद भी उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 24 अक्टूबर से जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
आंदोलन के और तेज होने तथा संपूर्ण कार्य बहिष्कार की स्थिति में राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। अब देखना होगा कि लेखपालों की मांगों पर शासन स्तर से क्या कदम उठाया जाता है।









