मृतक की पहचान सूरजकुंड निवासी रमेश कन्नौजिया के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, रमेश किराने की दुकान पर काम करते थे। शनिवार को वह अपनी मोपेड से इलाहीबाग बंधे की ओर से गुजर रहे थे। इसी दौरान हवा में लटक रहा धारदार चाइनीज मांझा अचानक उनकी गर्दन में फंस गया। मांझे की धार से उनकी गर्दन गहराई तक कट गई और काफी खून बहने लगा। इस दौरान उनकी मोपेड भी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गिर गई।
हादसे के बाद मौके पर मौजूद राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए घायल रमेश को आनन-फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, उनकी हालत बेहद गंभीर थी। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
घटना ने शहर में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। धारदार सिंथेटिक मांझे से होने वाले हादसों को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने प्रतिबंधित मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की है, ताकि इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।









