एजुकेटर भर्ती में मेरिट दरकिनार करने का आरोप, चहेतों को बुलाने पर सवाल

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काउंसलिंग की सूचना नहीं मिलने का अभ्यर्थियों ने किया दावा, विज्ञापन प्रकाशन से लेकर चयन प्रक्रिया तक पर उठाए सवाल

साजिद अंसारी, पड़रौना

कुशीनगर। जिले में एजुकेटर भर्ती की काउंसलिंग प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि निर्धारित प्रक्रिया की अनदेखी कर चुनिंदा लोगों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया, जबकि कई पात्र अभ्यर्थियों को इसकी सूचना तक नहीं मिली। कुछ अभ्यर्थियों ने कथित लेनदेन के आधार पर काउंसलिंग कराने के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मेरिट सूची और काउंसलिंग के क्रम पर सवाल

अभ्यर्थियों का कहना है कि शैक्षिक योग्यताओं के निर्धारित अंकों के आधार पर मेरिट तैयार कर उसी क्रम में काउंसलिंग का अवसर दिया जाना चाहिए। ऐसे में मेरिट सूची, अभ्यर्थियों की वरीयता और काउंसलिंग के लिए भेजी गई सूचना की जांच जरूरी है। यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि पात्र अभ्यर्थियों को अवसर क्यों नहीं मिला।

विज्ञापन प्रकाशन पर भी उठे सवाल

अभ्यर्थियों का दावा है कि एनआईसी की वेबसाइट पर जिन समाचारपत्रों में विज्ञापन प्रकाशित होने का उल्लेख है, उनमें विज्ञापन नहीं छपा। हालांकि, संबंधित समाचारपत्रों के अभिलेखों की जांच के बिना इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती।

निष्पक्ष जांच की मांग

अभ्यर्थियों ने मेरिट सूची, काउंसलिंग में शामिल लोगों का विवरण, सूचना भेजने के रिकॉर्ड, दस्तावेज सत्यापन रिपोर्ट और चयनित अभ्यर्थियों की सूची की जांच की मांग की है। विज्ञापन प्रकाशन से जुड़े अभिलेखों और जिलास्तरीय समिति की बैठक की कार्यवाही की जांच भी महत्वपूर्ण है।

अब संबंधित विभाग का पक्ष और जांच के नतीजे महत्वपूर्ण होंगे। अभिलेखों की निष्पक्ष जांच से ही भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

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