कोलकाता के कारीगर दे रहे मां दुर्गा की मूर्तियों को अंतिम रूप, बाजार में बढ़ी रौनक

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प्रतापगढ़। शारदीय नवरात्रि और दुर्गा पूजा को लेकर जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर के विभिन्न मूर्तिकला केंद्रों पर मां दुर्गा की भव्य प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है। कोलकाता से आए नौ कुशल कारीगर दिन-रात प्रतिमाओं को तैयार करने में जुटे हैं।

कारीगरों के मुताबिक दुर्गा प्रतिमा बनाने का काम पूजा से करीब आठ महीने पहले शुरू हो जाता है। सबसे पहले बांस और फूस से ढांचा तैयार किया जाता है। इसके बाद गंगा की काली मिट्टी की परत चढ़ाई जाती है। मिट्टी सूखने के बाद रंग-रोगन, वस्त्र और श्रृंगार का काम किया जाता है।

इस वर्ष यहां पांच से 13 फीट तक ऊंची प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। अलग-अलग डिजाइन, आकार और मुद्रा वाली प्रतिमाओं की मांग है। मूर्तियों की कीमत उनके आकार, डिजाइन और सजावट के आधार पर तय की जा रही है।

कारीगरों का कहना है कि लगातार बारिश और बांस, मिट्टी, रंग, कपड़े समेत अन्य सामग्री महंगी होने से लागत बढ़ी है। इसके बावजूद दुर्गा पूजा समितियों और श्रद्धालुओं में उत्साह है। प्रतिमाओं की बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। चिलबिला, लालगंज सहित जिले के बाजारों में पूजा को लेकर रौनक बढ़ने लगी है।

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