महराजगंज। ₹2,000 से अधिक के UPI ट्रांजैक्शन पर 15 अक्टूबर से 0.04 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने के विरोध में उत्तर प्रदेश व्यापार प्रतिनिधि मंडल की महराजगंज इकाई ने बुधवार को प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। व्यापारियों ने प्रस्तावित शुल्क को व्यापार और आम उपभोक्ताओं के हित में अनुचित बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की।
जिलाध्यक्ष फूलचंद अग्रवाल के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे व्यापारियों ने कहा कि वर्तमान समय में अधिकांश कारोबारी डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल कर रहे हैं। UPI के माध्यम से लेन-देन आसान और सुविधाजनक होने के कारण छोटे-बड़े सभी व्यापारियों के लिए यह भुगतान का प्रमुख माध्यम बन चुका है। ऐसे में ₹2,000 से अधिक के लेन-देन पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने से व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
व्यापारियों ने कहा कि वे पहले से ही विभिन्न प्रकार के करों और अन्य शुल्कों का भुगतान कर रहे हैं। इसके बावजूद डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाया गया तो इसका सीधा असर व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। इससे बाजार में मंदी की स्थिति बनने के साथ ही डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के प्रयासों को भी झटका लगने की आशंका है।
व्यापार मंडल ने प्रधानमंत्री से मांग की कि व्यापारिक हितों को ध्यान में रखते हुए UPI ट्रांजैक्शन पर प्रस्तावित शुल्क को वापस लिया जाए।
ज्ञापन देने वालों में सुधीर अग्रवाल, राजेंद्र अग्रवाल, दीपक जायसवाल, दीपक अग्रहरि, दुर्गेश कसौधन सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।









