मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन लगातर जारी है| अब पार्टी ने साफ कर दिया है कि सिर्फ ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मिल जाने से उसका आंदोलन खत्म नहीं होगा| सीजेपी के कार्यकर्ता आशुतोष रांका ने कहा है कि तीनों मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा| पार्टी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान भी किया है|
सीजेपी ने बताईं तीन मांगें
आशुतोष रांका ने मंगलवार रात सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पार्टी की मांगों को दोहराया| उन्होंने बताया कि ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा सीजेपी की पहली और सबसे बड़ी मांग है| इसके अलावा पार्टी एसआईआर से पहले की वोटर लिस्ट लागू करने और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव की मांग कर रही है| विपक्षी दलों और सीजेपी का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में हुए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के दौरान गलत तरीके से वोटर्स के नाम हटाए जा रहे हैं|
सीजेपी का दावा है कि करीब 13 करोड़ वोटर्स के नाम काटे गए हैं| वहीं, पिछले दिनों आई एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि पिछले 10 महीनों में दो अन्य चुनाव आयुक्तों ने अलग-अलग फैसलों को लेकर 14 बार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से असहमति जताई थी| रिपोर्ट सामने आने के बाद सीजेपी ने नए आंदोलन का ऐलान किया| मुंबई के बाद अब पार्टी दिल्ली में प्रदर्शन करने जा रही है|
आपराधिक मुकदमे की मांग
सीजेपी के संयोजक अभिजीत दीपके और सौरभ दास, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग भी कर चुके हैं| पार्टी एसआईआर की प्रक्रिया रद्द करने और जनवरी 2025 की वोटर लिस्ट लागू करने की मांग कर रही है|









