देवरिया मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर मरीजों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं। पुरुष मेडिकल वार्ड में भर्ती मरीज की दूसरी मंजिल की खिड़की से गिरने के बाद मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि बिहार के गोपालगंज निवासी रामानंद चौहान को 02 अक्टूबर को महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज देवरिया के पुरुष मेडिकल वार्ड में बेड नंबर 33 पर भर्ती कराया गया था। रामानंद लीवर की बीमारी से पीड़ित थे और उनकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी ,वहां मौजूद लोगों ने बताया कि रामानंद वार्ड से निकलकर दूसरी मंजिल की खिड़की तक पहुंचे और नीचे छलांग लगा दी जिसके बाद अस्पताल प्रशासन उन्हें तत्काल इमरजेंसी लेकर पहुंचा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
घटना के बाद वार्ड की सुरक्षा और मरीजों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। तीमारदारों का आरोप है कि वार्ड में पर्याप्त सुविधा नहीं है यहां के स्टाफ मरीजों का ठीक से देखरेख नहीं करते हैं और काफी लापरवाही है। सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं रहते और मरीजों को समय से इलाज और दवाएं मिलने में भी परेशानी होती है।

वहीं डीएम मधुसूदन हुल्गी ने बताया कि मृतक शराब का आदी था और उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती थी। पूरे मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीएम के मुताबिक परिजनों ने लिखित रूप से पोस्टमार्टम नहीं कराने की बात कही, जिसके बाद शव बिहार भेज दिया गया गौर करने वाली बात ये भी है कि पिछले वर्ष बीते 05-06 अक्टूबर को इसी मेडिकल कॉलेज की पानी की टंकी में महाराष्ट्र निवासी इंजीनियर अशोक गावंडे का शव मिला था हत्या कर पानी में शव फेके जाने की बात आई थी, उस मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की थी जहां मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल भी हटाए गए थे और मुकदमा दर्ज हुआ था

लेकिन पुलिस प्रशासन ने अभी तक उसका भी राज नहीं खोल पाया अखिर उसकी हत्या कैसे हुई थी? उस मामले में भी कई सवाल खड़े हुए थे?
अब एक बार फिर मरीज की मौत ने मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए है।
अब सवाल यही है कि मरीजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? वार्ड में निगरानी के इंतजाम कितने पुख्ता हैं? और लगातार उठ रहे सवालों पर कब होगी ठोस कार्रवाई?
लोकेशन – देवरिया
रिपोर्ट – फिरोज खान









