कुशीनगर। उ०प्र० राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ (रजि०) प्रादेशिक आह्वान पर जनपद शाखा कुशीनगर द्वारा नियमितीकरण व समान कार्य-समान वेतन समेत 8 सूत्रीय मांगों को लेकर जिले के समस्त CHC/PHC एवं जिला अस्पताल में कार्यरत NHM संवर्ग के कर्मचारियों ने आज द्वितीय चरण के आंदोलन के तहत कार्यस्थल पर काला फीता बाँध कर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रभारी चिकित्साधिकारियों के माध्यम से मिशन निदेशक को ज्ञापन प्रेषित किया।
द्वितीय चरण में काली पट्टी बाँधकर जताया आक्रोश, हर केंद्र पर गूंजा नियमितीकरण का नारा
संघ के कर्मचारियो द्वारा आज 05 अक्टूबर को जिले भर में प्रदर्शन हुआ।
जिला अस्पताल में मण्डल अध्यक्ष गोरखपुर “चन्द्रशेखर यादव” के नेतृत्व में अनुपम आनंद, विकास कुमार गुप्ता, रविन्द्र शर्मा, अनूप कुमार गोंड़, मदन, सुनील कुशवाहा, रामाशीष यादव, प्रीति पटेल, कात्यायनी चतुर्वेदी, योगेश कावडकर, पवन, संदीप मौर्या, मोलिना, सरोज आदि ने काली पट्टी बाँधकर कार्य किया।

इसी क्रम में “फाजिलनगर” में जिलाध्यक्ष सत्येन्द्र कुमार पाण्डेय, आदित्य तिवारी, राधा निरंकारी, कमरूल होदा, डॉ पवन बहादुर सिंह, “कुबेरस्थान” में डॉ वेद प्रकाश तिवारी, वीरेन्द्र शर्मा, किरन यादव, बबिता, डॉ आयुवेन्द्र सिंह, फारूक, संतोष यादव, रामकोला में सुजाता यादव, शशि, पूनम, डॉ अंजू लता चौधरी, डॉ आफताब खान सहित दर्जनों एएनएम बहनों ने तथा “नेबुआ नौरंगिया, तमकुहीराज, कसया, कप्तानगंज, विशुनपुरा व जोरा बाजार” सहित सभी केन्द्रों पर कर्मचारियों ने एकजुट होकर ज्ञापन दिया।
कर्मचारियों का कहना है कि वे विगत 15-18 वर्षों से पूर्ण निष्ठा से स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन शासन स्तर से कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं हुई है, जिससे भारी रोष व्याप्त है।
2 प्रमुख और 6 तात्कालिक मांगें, 8 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की चेतावनी
संगठन की 2 प्रमुख मांगें है
1. समस्त NHM संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाय।
2. समान कार्य-समान वेतन का सिद्धांत लागू किया जाय।

6 तात्कालिक मांगें
1. 10 लाख तक का कैशलेस हेल्थ बीमा,
2. महंगाई भत्ता (DA), भविष्य निधि (EPF) व मकान किराया भत्ता (HRA),
3. गैर जनपद स्थानांतरण नीति,
4. सेवाकाल में मृत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति,
5. आउटसोर्स कर्मचारियों का समायोजन,
6. नियमित भर्ती में 25% आरक्षण।
आंदोलन की रूपरेखा
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगे नहीं मानी गई तो “तृतीय चरण में दिनांक 08, 09 व 10 अक्टूबर को पूर्ण कार्य बहिष्कार कर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर धरना” दिया जायेगा और “12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन “घेरा डालो-डेरा डालो” आंदोलन” शुरू होगा। जिले के कर्मचारी आर-पार के संघर्ष के मूड में दिखाई दे रहे हैं।









