औरैया। पुलिस अधिकारी की पहचान का दुरुपयोग कर बिजली चोरी के मामले में कार्रवाई से बचाने के नाम पर रुपये मांगने वाले दो आरोपियों को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
मामला कोतवाली औरैया क्षेत्र के निगड़ा गांव का है। पुलिस के अनुसार 20 अगस्त को विद्युत विभाग की प्रवर्तन टीम ने ओमकांत पुत्र श्यामबाबू चतुर्वेदी को बिजली चोरी करते पकड़ा था। इसके बाद 21 अगस्त को विद्युत चोरी निरोधक थाने में विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
आरोप है कि 22 अगस्त को एक व्यक्ति ने ओमकांत को फोन कर खुद को पुलिस अधिकारी बताया और मुकदमा दर्ज न कराने के एवज में 15 हजार रुपये की मांग की। कॉल के दौरान मोबाइल में ट्रूकॉलर पर नंबर दरोगा कृष्णकांत प्रजापति के नाम से प्रदर्शित हो रहा था। आरोपी ने भुगतान के लिए व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड भी भेजा।
मामले की शिकायत विद्युत विभाग के अवर अभियंता होरीलाल ने साइबर थाने में की। शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने तकनीकी और मैनुअल साक्ष्यों के जरिए जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, मुखबिर की सूचना पर 4 अक्टूबर को ककोर बंबा के पास से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मध्य प्रदेश के निवाड़ी जनपद के पृथ्वीपुर थाना क्षेत्र निवासी कृष्णकांत यादव और मोहित यादव के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका एक अन्य साथी ऑनलाइन माध्यमों से मुकदमों से जुड़े लोगों के नाम, पते और मोबाइल नंबर जुटाकर उन्हें उपलब्ध कराता था। इसके बाद पुलिस अधिकारी बनकर मुकदमा निपटाने के नाम पर रुपये मांगे जाते थे।
पुलिस का कहना है कि रकम क्यूआर कोड के जरिए अलग-अलग बैंक खातों में मंगाई जाती थी। सिम कार्ड और बैंक खाते भी कथित तौर पर अन्य लोगों को लालच देकर हासिल किए जाते थे। मामले में धारा 3(5) बीएनएस की बढ़ोतरी करते हुए आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कोई व्यक्ति पुलिस अधिकारी बनकर रुपये मांगे तो बिना सत्यापन भुगतान न करें और तत्काल संबंधित थाने या साइबर पुलिस को सूचना दें।
रिपोर्ट— अमित शुक्ला









