उत्तर प्रदेश में चुनावी निष्पक्षता को लेकर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा है. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ ‘लोकतंत्र की हत्या’ का मुकदमा चलाने की मांग की है. उन्होेंने आगे कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में उत्तर प्रदेश में निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद करना मुश्किल है.
चुनाव आयुक्त पर तीखा हमला
लखनऊ में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मौजूदा चुनाव आयुक्त के पद पर बने रहने के कारण उत्तर प्रदेश में निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद नहीं की जा सकती. इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा कि ज्ञानेश कुमार को सिर्फ पद से हटाना या उनका इस्तीफा लेना पर्याप्त कारवाई नहीं होगी, बल्कि उनके खिलाफ लोकतांत्र की हत्या का केस चलाया जाना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने एक बातचीत के दौरान कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के अन्य दो आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में 14 बार मतभेद होने की बात कही.
मतदान का अधिकार खतरे में- प्रमोद तिवारी
इसके साथ ही बात करें CJP के प्रदर्शन की तो इसके विरोध में प्रमोद तिवारी ने बात करते हुए कहा कि महात्मा गांधी के नेतृत्व में देश को मिली आजादी का मकसद हर नागरिक को समान अधिकार देना था। संविधान लागू होने के बाद मतदान का अधिकार मिलने से लोकतंत्र में सभी नागरिकों को बराबरी का दर्जा मिला और राजा-प्रजा या अमीर-गरीब के बीच का भेद खत्म हुआ। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अब मतदान के अधिकार को खतरे में डाला जा रहा है.









