गोरखपुर। ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ और ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान को लेकर गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में समाजवादी पार्टी की प्रेस वार्ता के दौरान हंगामा हो गया। रिपोर्टों के मुताबिक, बैठने की जगह को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हाथापाई में बदल गया और पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी के साथ मारपीट तथा थप्पड़ मारे जाने का आरोप लगा। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
प्रेस वार्ता का आयोजन सपा जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार गौतम की ओर से किया गया था। कार्यक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद थे। बताया गया कि अगली पंक्ति में बैठने को लेकर विवाद शुरू हुआ, जिसके बाद दोनों पक्षों में तीखी कहासुनी हुई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
घटना के बाद प्रेस वार्ता कुछ समय के लिए प्रभावित हुई और प्रेस क्लब में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पूरे घटनाक्रम के वीडियो और सीसीटीवी फुटेज सामने आने की बात कही जा रही है, जिनसे घटना के क्रम की जांच की जा सकती है।
सपा जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार गौतम ने घटना को निंदनीय बताते हुए मामले की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचाने और कार्रवाई की मांग किए जाने की बात कही है।
वहीं, प्रेस क्लब में कथित तौर पर असलहा लेकर पहुंचने की चर्चा भी सामने आई है। इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। यदि इसकी पुष्टि होती है तो यह पुलिस जांच का विषय होगा।
गौरतलब है कि सपा ने गोरखपुर में ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ के तहत कार्यक्रम आयोजित किए हैं और 8 अक्टूबर को अभियान के समापन की घोषणा की गई है।
अब सवाल यह है कि पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर क्या कार्रवाई करती है और समाजवादी पार्टी इस विवाद में संगठनात्मक स्तर पर क्या कदम उठाती है।









